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आईसीजेएस 2.0 में उत्तराखंड का जलवा देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा राज्य

SHIDDHANT
18 Sept 2026 11:55 PM IST
आईसीजेएस 2.0 में उत्तराखंड का जलवा देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा राज्य
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Dehradun देहरादून: क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) परियोजना के तहत उत्तराखंड ने डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। आईसीजेएस 2.0 डैशबोर्ड में उत्तराखंड देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड में भी राज्य ने अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए नौवां स्थान हासिल किया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सीसीटीएनएस परियोजना के तहत राज्य शीर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीसीटीएनएस/आईसीजेएस 2.0 की प्रगति, तकनीकी सुविधाओं, नेटवर्क कनेक्टिविटी, डेटा रिकवरी सेंटर, उपकरणों की उपलब्धता और सिस्टम इंटीग्रेटर से जुड़े विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड में जुलाई 2026 तक उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर नौवीं रैंक हासिल की है। पिछली समीक्षा में राज्य 13वें स्थान पर था। इस तरह राज्य ने चार स्थान का सुधार दर्ज किया है। आईसीजेएस 2.0 डैशबोर्ड में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर है। इसके तहत राज्य में ई-साक्ष्य, न्यायश्रुति, ई-समन, ई-साइन और मेडलीप्र जैसे डिजिटल एप्लीकेशन का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इन डिजिटल व्यवस्थाओं से पुलिस, अभियोजन, कारागार और न्यायिक प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
बैठक में एनसीएलआई डैशबोर्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर 2026 तक उत्तराखंड ने एनसीएलआई डैशबोर्ड में 18वीं रैंक हासिल की है, जबकि पहले राज्य 24वें स्थान पर था। इस क्षेत्र में भी छह स्थान का सुधार दर्ज किया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी आधारभूत संरचना को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाना जरूरी है, ताकि डिजिटल सेवाओं का बेहतर संचालन हो सके।
बैठक में आईसीजेएस 2.0 के तहत नेटवर्क कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी चर्चा हुई। राज्य योजना के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, कारागार और एफएसएल से संबंधित कुल 242 साइटें शामिल हैं। इनमें 166 पुलिस स्टेशन, 64 अभियोजन स्थल, 10 कारागार और 2 एफएसएल साइट शामिल हैं। मुख्य सचिव ने सभी कनेक्टिविटी और अपग्रेडेशन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीएनएस के लिए अलग डेटा रिकवरी इकोसिस्टम तैयार करने को कहा, ताकि महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतरता, डेटा सुरक्षा और रिकवरी क्षमता को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने गृह विभाग और आईटीडीए को ऐसा प्रभावी सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे एफआईआर दर्ज करते समय ही संबंधित व्यक्ति का पूरा विवरण, मोबाइल नंबर, ई-मेल और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज हो सके। इससे ई-समन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अगले दो माह में निर्धारित मानकों में सुधार करने और डिजिटल सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में आईसीजेएस 2.0 के लिए आवश्यक हार्डवेयर खरीद, बजट और नए सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन के लिए आरएफपी जारी करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, एनआईसी से राकेश शर्मा, अपर सचिव नवनीत पांडे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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